हिंदी व्याकरण में सर्वनाम एक महत्वपूर्ण शब्द-भेद है। बातचीत और लेखन में एक ही संज्ञा को बार-बार दोहराने से वाक्य अस्वाभाविक लग सकता है। ऐसे में संज्ञा के स्थान पर जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें सर्वनाम कहा जाता है।
सर्वनाम की परिभाषा – Sarvnam Ki Paribhasha
संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं।
सरल भाषा में कहें तो किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के नाम को बार-बार लिखने के बजाय उसकी जगह जिस शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, वह सर्वनाम होता है।
उदाहरण से समझिए
राधा एक होनहार छात्रा है। राधा रोज पढ़ाई करती है। राधा अपने शिक्षकों का सम्मान करती है।
इस वाक्य में “राधा” शब्द बार-बार आ रहा है। इसे इस प्रकार लिखा जा सकता है:
राधा एक होनहार छात्रा है। वह रोज पढ़ाई करती है और अपने शिक्षकों का सम्मान करती है।
यहाँ “वह” और “अपने” शब्द राधा के स्थान पर आए हैं। इसलिए ये सर्वनाम हैं।
कुछ सामान्य सर्वनाम शब्द
मैं, हम, तुम, आप, तू, वह, यह, वे, ये, कोई, कुछ, कौन, क्या, जो, जिसका, उसका, स्वयं, अपने आदि।
सर्वनाम का रूप लिंग, वचन और कारक के अनुसार बदल सकता है। जैसे—
यह → इस → इसका
वह → उस → उसका
Sarvnam Ke Bhed – सर्वनाम के भेद
हिंदी व्याकरण में सामान्यतः सर्वनाम के छह प्रमुख भेद माने जाते हैं:
- पुरुषवाचक सर्वनाम
- निश्चयवाचक सर्वनाम
- अनिश्चयवाचक सर्वनाम
- संबंधवाचक सर्वनाम
- प्रश्नवाचक सर्वनाम
- निजवाचक सर्वनाम
आइए, सर्वनाम के सभी भेद उदाहरण सहित समझते हैं।
1. पुरुषवाचक सर्वनाम (Purush Vachak Sarvnam)
जिन सर्वनाम शब्दों से किसी व्यक्ति के बारे में पता चलता है, उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।
इनका प्रयोग बोलने वाले, सुनने वाले या किसी अन्य व्यक्ति के लिए किया जाता है।
उदाहरण:
मैं बाजार जा रहा हूँ।
तुम घर पर रुको।
वह आज स्कूल गया है।
इन वाक्यों में “मैं”, “तुम” और “वह” पुरुषवाचक सर्वनाम हैं।
पुरुषवाचक सर्वनाम के प्रकार
पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं:
- उत्तम पुरुष
- मध्यम पुरुष
- अन्य पुरुष
(i) उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम
जिस सर्वनाम का प्रयोग बोलने वाला व्यक्ति अपने लिए करता है, उसे उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।
उदाहरण: मैं, हम, मेरा, मेरी, हमारा, हमारी, मुझे, मुझसे आदि।
वाक्य:
- मैं आज स्कूल जाऊँगा।
- हम कल दिल्ली जाएंगे।
- यह कहानी मैंने लिखी है।
- मेरी किताब मेज पर रखी है।
(ii) मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम
जिस व्यक्ति से बात की जा रही हो, उसके लिए इस्तेमाल होने वाले सर्वनाम को मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।
उदाहरण: तुम, तू, आप, तुम्हारा, तुम्हें, तुम्हारे, आपने आदि।
वाक्य:
- तुमने अपना काम पूरा कर लिया।
- आप कहाँ जा रहे हैं?
- तुम्हारे पिता क्या करते हैं?
- तुमसे मुझे कुछ पूछना है।
(iii) अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम
जिस व्यक्ति के बारे में बातचीत की जा रही हो, उसके लिए प्रयुक्त सर्वनाम को अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।
उदाहरण: वह, वे, यह, ये, उसे, उन्हें, उनका, इनका, उनसे आदि।
वाक्य:
- वह आज विद्यालय नहीं आया।
- वे क्रिकेट खेल रहे हैं।
- उसे कुछ मत बताना।
- उन्होंने अपना काम पूरा कर लिया।
2. निश्चयवाचक सर्वनाम (Nishchayavaachak Sarvnam)
जिस सर्वनाम से किसी व्यक्ति या वस्तु का निश्चित रूप से बोध हो, उसे निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
इन सर्वनामों से यह स्पष्ट होता है कि बात किस व्यक्ति या वस्तु के बारे में हो रही है।
उदाहरण: यह, वह, ये, वे।
उदाहरण
मोहन का भाई घर आया है। वह बहुत समझदार है।
इस वाक्य में “वह” से मोहन के भाई का निश्चित रूप से पता चलता है। इसलिए “वह” यहाँ निश्चयवाचक सर्वनाम है।
एक अन्य उदाहरण:
यह मेरी किताब है।
यहाँ “यह” किसी निश्चित वस्तु यानी किताब की ओर संकेत कर रहा है।
3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Anishchayvachak Sarvnam)
जिस सर्वनाम से किसी निश्चित व्यक्ति, वस्तु या संख्या का स्पष्ट पता न चले, उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
इस प्रकार के सर्वनाम में व्यक्ति या वस्तु की पहचान निश्चित नहीं होती।
उदाहरण: कोई, कुछ, किसी, किसी-किसी आदि।
उदाहरण
- कोई तुमसे मिलने आया था।
- कमरे में कुछ रखा है।
- किसी ने मेरा फोन उठाया है।
इन वाक्यों में “कोई”, “कुछ” और “किसी” से व्यक्ति या वस्तु के बारे में निश्चित जानकारी नहीं मिलती। इसलिए ये अनिश्चयवाचक सर्वनाम हैं।
4. संबंधवाचक सर्वनाम (Sambandhvachak Sarvnam)
जो सर्वनाम वाक्य के दो हिस्सों के बीच संबंध स्थापित करते हैं, उन्हें संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं।
इनका संबंध अक्सर वाक्य में मौजूद दूसरे शब्द या सर्वनाम से होता है।
उदाहरण: जो, जिसे, जिसका, जिसकी, जिसने, जैसा, वैसा, जितना, उतना आदि।
उदाहरण
जैसा करोगे, वैसा ही परिणाम मिलेगा।
जिसकी मेहनत अधिक होती है, उसकी सफलता भी बड़ी होती है।
इन वाक्यों में “जैसा-वैसा” और “जिसकी-उसकी” के बीच संबंध दिखाई देता है। इसलिए ये संबंधवाचक सर्वनाम के उदाहरण हैं।
5. प्रश्नवाचक सर्वनाम – Prashnavaachak Sarvnam
जिन सर्वनामों का प्रयोग किसी व्यक्ति, वस्तु या जानकारी के बारे में प्रश्न पूछने के लिए किया जाता है, उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं।
उदाहरण: कौन, क्या, किसे, किसका, किसने, किससे आदि।
उदाहरण
- बाहर कौन खड़ा है?
- तुम क्या पढ़ रहे हो?
- यह किताब किसकी है?
- तुम्हें किसने बुलाया?
इन वाक्यों में प्रश्न पूछने के लिए “कौन”, “क्या” और “किसकी” का प्रयोग हुआ है। इसलिए ये प्रश्नवाचक सर्वनाम हैं।
6. निजवाचक सर्वनाम – Nijvachak Sarvnam
“निज” का अर्थ अपना या स्वयं होता है। जिस सर्वनाम से कर्ता के अपनेपन या स्वयं का बोध हो, उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं।
उदाहरण: स्वयं, खुद, अपने आप, अपना, आप आदि।
उदाहरण
- मैंने यह काम स्वयं किया।
- वह अपना काम खुद करता है।
- उसने अपने आप को संभाला।
- हमें अपने ऊपर विश्वास रखना चाहिए।
‘आप’ का प्रयोग
“आप” शब्द का प्रयोग अलग-अलग अर्थों में किया जा सकता है। यह कई बार मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम के रूप में सम्मान प्रकट करता है, जबकि कुछ वाक्यों में इसका प्रयोग निजवाचक अर्थ में होता है।
मध्यम पुरुष:
आप कल कहाँ गए थे?
निजवाचक:
वह अपना काम आप ही कर लेता है।
इसलिए वाक्य के अर्थ और संदर्भ के आधार पर “आप” की पहचान करनी चाहिए।
संयुक्त सर्वनाम – Sanyukt Sarvna
कुछ सर्वनाम एक से अधिक शब्दों से मिलकर बनते हैं। ऐसे सर्वनामों को संयुक्त सर्वनाम कहा जाता है।
उदाहरण:
जो कोई, हर कोई, सब कोई, कोई और, जो कुछ, सब कुछ, कुछ भी, कोई भी, कोई-न-कोई, कुछ-न-कुछ आदि।
उदाहरण
- कोई न कोई रास्ता जरूर मिलेगा।
- जो कोई मेहनत करेगा, उसे सफलता मिलेगी।
- कुछ भी खाने से पहले हाथ धोने चाहिए।
- हर कोई इस अवसर का लाभ लेना चाहता है।
सर्वनाम की पहचान कैसे करें? – Sarvnam Pehchane Ka Tarika
किसी वाक्य में सर्वनाम पहचानने के लिए सबसे पहले देखें कि क्या कोई शब्द किसी संज्ञा के स्थान पर इस्तेमाल हुआ है।
उदाहरण:
रोहन बाजार गया। रोहन फल लेकर घर आया।
यहाँ “रोहन” बार-बार दोहराया गया है।
इसे ऐसे लिखा जा सकता है:
रोहन बाजार गया। वह फल लेकर घर आया।
यहाँ “वह” ने “रोहन” का स्थान लिया है। इसलिए “वह” सर्वनाम है।
आसान तरीका
यदि किसी शब्द को हटाने पर उसकी जगह किसी व्यक्ति, वस्तु या नाम का दोहराव दिखाई दे और उस नाम की जगह कोई दूसरा शब्द इस्तेमाल किया गया हो, तो वह शब्द सर्वनाम हो सकता है।
Sarvnam Ke Udhaharn – सर्वनाम के उदाहरण
| सर्वनाम का भेद | प्रमुख उदाहरण |
| पुरुषवाचक सर्वनाम | मैं, हम, तुम, आप, वह, वे |
| निश्चयवाचक सर्वनाम | यह, वह, ये, वे |
| अनिश्चयवाचक सर्वनाम | कोई, कुछ, किसी |
| संबंधवाचक सर्वनाम | जो, जिसका, जिसने, जैसा |
| प्रश्नवाचक सर्वनाम | कौन, क्या, किसका, किसने |
| निजवाचक सर्वनाम | स्वयं, खुद, अपने आप, आप |
निष्कर्ष
सर्वनाम हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण शब्द-भेद है। इसका मुख्य काम संज्ञा के स्थान पर आकर वाक्य को सरल, स्पष्ट और प्रभावी बनाना है। सर्वनाम के भेद जैसे पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक और निजवाचक को उदाहरणों के साथ समझने से इन्हें पहचानना काफी आसान हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. सर्वनाम क्या है?
संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाने वाले शब्दों को सर्वनाम (Sarvnam) कहते हैं। जैसे—मैं, तुम, वह, हम, कोई और कौन आदि।
2. सर्वनाम के कितने भेद होते हैं?
हिंदी व्याकरण में सामान्यतः सर्वनाम (Sarvnam) के छह प्रमुख भेद माने जाते हैं—पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक और निजवाचक।
3. पुरुषवाचक सर्वनाम क्या होता है?
जिस सर्वनाम से बोलने वाले, सुनने वाले या किसी अन्य व्यक्ति का बोध होता है, उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। इसके उदाहरण मैं, हम, तुम, आप, वह और वे हैं।
4. निश्चयवाचक सर्वनाम क्या है?
जिस सर्वनाम से किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध हो, उसे निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे—यह, वह, ये और वे।
5. अनिश्चयवाचक सर्वनाम के उदाहरण क्या हैं?
कोई, कुछ, किसी और किसी-किसी आदि अनिश्चयवाचक सर्वनाम के उदाहरण हैं। इनसे किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का स्पष्ट पता नहीं चलता।
