Kriya

Kriya Kise Kahate Hain? परिभाषा, भेद, उदाहरण और पहचानने का तरीका

हिंदी व्याकरण में क्रिया (Kriya) एक महत्वपूर्ण शब्द-भेद है। किसी भी वाक्य में होने वाले काम, कार्य या अवस्था के बारे में बताने के लिए क्रिया का प्रयोग किया जाता है। जैसे—राम स्कूल जाता है, सीता खाना बनाती है और बच्चे मैदान में खेलते हैं। इन वाक्यों में “जाता है”, “बनाती है” और “खेलते हैं” क्रिया शब्द हैं।

इस लेख में हम जानेंगे कि क्रिया किसे कहते हैं, इसकी परिभाषा क्या है, क्रिया के कितने भेद होते हैं, क्रिया की पहचान कैसे करें और इसके प्रमुख उदाहरण कौन-कौन से हैं।

क्रिया किसे कहते हैं? – Kriya Kise Kahate Hain

जिस शब्द से किसी व्यक्ति, वस्तु या प्राणी के द्वारा किए जाने वाले कार्य, काम या अवस्था का पता चलता है, उसे क्रिया (Kriya) कहते हैं।

Kriya Ki Paribhasha – क्रिया की सरल परिभाषा

जिस शब्द से किसी काम के करने या होने का बोध हो, उसे क्रिया (Kriya) कहते हैं।

उदाहरण:

  • मोहन खाना खाता है।
  • राधा गीत गाती है।
  • बच्चे मैदान में खेलते हैं।
  • पक्षी आकाश में उड़ते हैं।
  • बच्चा रात में सोता है।

इन सभी वाक्यों में खाता है, गाती है, खेलते हैं, उड़ते हैं और सोता है क्रिया शब्द हैं, क्योंकि इनसे किसी कार्य का पता चलता है।

क्रिया के उदाहरण – Kriya Ke Udaharan

क्रिया को समझने के लिए कुछ आसान उदाहरण देखते हैं:

  1. राम स्कूल जाता है।
  2. सीमा पुस्तक पढ़ती है।
  3. बच्चे क्रिकेट खेलते हैं।
  4. मोहन पानी पीता है।
  5. राधा खाना बनाती है।
  6. पक्षी आकाश में उड़ते हैं।
  7. बच्चा जोर से रोता है।
  8. पिताजी अखबार पढ़ते हैं।
  9. किसान खेत में काम करता है।
  10. कुत्ता तेजी से दौड़ता है।

इन वाक्यों में जिस शब्द से काम होने या करने का पता चल रहा है, वह क्रिया है।

Kriya Ke Bhed – क्रिया के मुख्य भेद

हिंदी व्याकरण में क्रिया (Kriya) के कई भेद बताए जाते हैं। सामान्य रूप से क्रिया को उसके प्रयोग और कर्म के आधार पर समझना आसान होता है। इसके दो प्रमुख भेद हैं:

  1. सकर्मक क्रिया
  2. अकर्मक क्रिया

1. सकर्मक क्रिया किसे कहते हैं?

जिस क्रिया का प्रभाव किसी कर्म पर पड़ता है और वाक्य में क्रिया को पूरा अर्थ देने के लिए कर्म की आवश्यकता होती है, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:

  • राम आम खाता है।
  • सीता पत्र लिखती है।
  • मोहन पुस्तक पढ़ता है।
  • रिया खाना बनाती है।

जैसे “राम आम खाता है” वाक्य में “खाता है” क्रिया है और “आम” कर्म है। यहां क्रिया का प्रभाव आम पर पड़ रहा है।

सकर्मक क्रिया की पहचान:
क्रिया के साथ “क्या?” या “किसे?” प्रश्न पूछने पर यदि उत्तर मिल जाए, तो वह अक्सर सकर्मक क्रिया होती है।

उदाहरण:

राम क्या खाता है? — आम।

इसलिए “खाता है” सकर्मक क्रिया है।

2. अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं?

जिस क्रिया को अपना अर्थ पूरा करने के लिए किसी कर्म की आवश्यकता नहीं होती, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:

  • बच्चा सोता है।
  • राम दौड़ता है।
  • पक्षी उड़ते हैं।
  • बच्चा रोता है।
  • सूरज चमकता है।

जैसे “बच्चा सोता है” वाक्य में “सोता है” क्रिया है। यहां क्रिया के लिए किसी कर्म की आवश्यकता नहीं है। इसलिए यह अकर्मक क्रिया है।

अकर्मक क्रिया की पहचान:
यदि क्रिया के साथ “क्या?” या “किसे?” पूछने पर किसी कर्म का उत्तर नहीं मिलता और वाक्य का अर्थ फिर भी पूरा रहता है, तो वह अकर्मक क्रिया हो सकती है।

सकर्मक और अकर्मक क्रिया में अंतर

सकर्मक क्रियाअकर्मक क्रिया
इसमें कर्म की आवश्यकता होती है।इसमें कर्म की आवश्यकता नहीं होती।
क्रिया का प्रभाव कर्म पर पड़ता है।क्रिया बिना कर्म के भी पूरी हो जाती है।
राम आम खाता है।बच्चा सोता है।
सीता पत्र लिखती है।पक्षी उड़ता है।

इस अंतर को समझकर आप वाक्य में सकर्मक और अकर्मक क्रिया को आसानी से पहचान सकते हैं।

क्रिया के अन्य भेद 

क्रिया (Kriya) को उसके प्रयोग के आधार पर अन्य रूपों में भी समझा जाता है।

मुख्य क्रिया

जो क्रिया वाक्य में मुख्य कार्य को बताती है, उसे मुख्य क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:
राम स्कूल जाता है।

यहां “जाता” मुख्य क्रिया है।

सहायक क्रिया

जो शब्द मुख्य क्रिया की सहायता करके वाक्य का अर्थ, काल या अवस्था स्पष्ट करता है, उसे सहायक क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:
सीता खाना बना रही है।

यहां “बना” मुख्य क्रिया है और “रही है” सहायक क्रिया के रूप में कार्य कर रहा है।

संयुक्त क्रिया

जब दो या दो से अधिक क्रियाएं मिलकर वाक्य में एक विशेष अर्थ देती हैं, तो उसे संयुक्त क्रिया कहा जाता है।

उदाहरण:
राम ने खाना खा लिया।

यहां “खा” और “लिया” मिलकर संयुक्त क्रिया का भाव देते हैं।

प्रेरणार्थक क्रिया

जिस क्रिया से किसी दूसरे व्यक्ति से काम करवाने का भाव प्रकट हो, उसे प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं।

उदाहरण:
मां बच्चे से खाना खिलवाती है।

यहां मां स्वयं खाना नहीं खा रही, बल्कि बच्चे को खाना खिलाने का कार्य करवा रही है।

पूर्वकालिक क्रिया

जब एक क्रिया को पूरा करने के बाद दूसरी क्रिया की जाती है, तो पहले होने वाली क्रिया को पूर्वकालिक क्रिया कहा जाता है।

उदाहरण:
राम खाना खाकर स्कूल गया।

यहां “खाकर” पहले होने वाली क्रिया है।

क्रिया की पहचान कैसे करें? – Kriya Pehchane Ka Tarika

वाक्य में क्रिया (Kriya) पहचानने के लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं।

सबसे पहले यह देखें कि वाक्य में कौन-सा शब्द किसी काम या कार्य के होने की जानकारी दे रहा है।

आप वाक्य के लिए “क्या कर रहा है?”, “क्या किया?” या “क्या करेगा?” जैसे प्रश्न पूछ सकते हैं।

उदाहरण:

मोहन पुस्तक पढ़ता है।

प्रश्न: मोहन क्या करता है?
उत्तर: पढ़ता है।

इसलिए “पढ़ता है” क्रिया है।

एक अन्य उदाहरण:

बच्चा मैदान में दौड़ रहा है।

प्रश्न: बच्चा क्या कर रहा है?
उत्तर: दौड़ रहा है।

इसलिए “दौड़ रहा है” क्रिया है।

Kriya Ke 15 Udaharan – क्रिया के 15 आसान उदाहरण

  1. राम स्कूल जाता है
  2. सीता खाना बनाती है
  3. मोहन पुस्तक पढ़ता है
  4. बच्चे मैदान में खेलते हैं
  5. राधा गीत गाती है
  6. पक्षी आकाश में उड़ते हैं
  7. बच्चा सो रहा है
  8. पिताजी अखबार पढ़ते हैं
  9. किसान खेत में काम करता है
  10. लड़का तेज दौड़ता है
  11. नेहा पानी पीती है
  12. रोहन पत्र लिखता है
  13. कुत्ता जोर से भौंकता है
  14. सूरज सुबह निकलता है
  15. बच्चे कहानी सुनते हैं

इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि वाक्य में किसी कार्य या अवस्था का बोध कराने वाला शब्द क्रिया के रूप में काम करता है।

क्रिया और कर्म में अंतर – Kriya Aur Karm Mein Antar

क्रिया (Kriya) और कर्म (Karm) एक-दूसरे से अलग होते हैं। क्रिया से किसी काम के करने या होने का पता चलता है, जबकि कर्म उस व्यक्ति या वस्तु को बताता है जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़ता है।

उदाहरण:

राम आम खाता है।

  • “खाता है” — क्रिया
  • “आम” — कर्म

एक अन्य उदाहरण:

सीमा पुस्तक पढ़ती है।

  • “पढ़ती है” — क्रिया
  • “पुस्तक” — कर्म

हर वाक्य में कर्म होना जरूरी नहीं है, लेकिन पूर्ण वाक्य में क्रिया का होना बहुत महत्वपूर्ण होता है।

निष्कर्ष

क्रिया (Kriya) हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण शब्द-भेद है। जिस शब्द से किसी काम के करने, होने या अवस्था का पता चलता है, उसे क्रिया कहते हैं। जैसे—खाना, पीना, पढ़ना, लिखना, जाना, आना, सोना और खेलना आदि क्रिया के उदाहरण हैं।

क्रिया के प्रमुख भेदों में सकर्मक क्रिया और अकर्मक क्रिया शामिल हैं। इसके अलावा मुख्य क्रिया, सहायक क्रिया, संयुक्त क्रिया, प्रेरणार्थक क्रिया और पूर्वकालिक क्रिया को भी समझना उपयोगी है। क्रिया की पहचान करने के लिए वाक्य में यह देखना चाहिए कि कौन-सा शब्द किसी कार्य या अवस्था की जानकारी दे रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्रिया किसे कहते हैं?

जिस शब्द से किसी काम के करने, होने या अवस्था का पता चलता है, उसे क्रिया (Kriya) कहते हैं।

2. क्रिया के मुख्य भेद कौन-कौन से हैं?

क्रिया (Kriya) के मुख्य भेदों में सकर्मक और अकर्मक क्रिया शामिल हैं। इसके अलावा मुख्य, सहायक, संयुक्त, प्रेरणार्थक और पूर्वकालिक क्रिया भी महत्वपूर्ण हैं।

3. क्रिया के 5 उदाहरण क्या हैं?

खाना, पीना, पढ़ना, लिखना और खेलना क्रिया के उदाहरण हैं।

4. सकर्मक क्रिया किसे कहते हैं?

जिस क्रिया (Kriya) का प्रभाव किसी कर्म पर पड़ता है और जिसे अर्थ पूरा करने के लिए कर्म की आवश्यकता होती है, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं।

5. अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं?

जिस क्रिया को अपना अर्थ पूरा करने के लिए कर्म की आवश्यकता नहीं होती, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं।

6. क्रिया की पहचान कैसे करें?

वाक्य में “क्या कर रहा है?”, “क्या किया?” या “क्या करेगा?” जैसे प्रश्न पूछकर क्रिया की पहचान की जा सकती है।

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